आर्यन नाम का एक लड़का था। वह बहुत अमीर था और उसे सोशल मीडिया पर मशहूर होने का बहुत शौक था। वह अक्सर शहर में घूम-घूम कर गरीब और बेसहारा लोगों को खाना या कपड़े देता था। पर वह यह सब नेक दिल से नहीं करता था। जब भी वह किसी की मदद करता, तो उसका दोस्त पीछे से मोबाइल से वीडियो बनाता था। आर्यन उन वीडियो को इंटरनेट पर डालता ताकि लोग उसकी तारीफ करें और उसे बहुत सारे 'लाइक्स' मिलें। वह उन गरीब लोगों की मजबूरी का इस्तेमाल अपनी रील बनाने के लिए करता था, जिससे उन लोगों को बहुत शर्मिंदगी महसूस होती थी।
एक दिन आर्यन ने सड़क किनारे एक पेड़ के नीचे एक बुजुर्ग दादाजी को बैठे देखा। उसने सोचा कि आज इनके साथ रील बनाना बहुत अच्छा रहेगा। उसने तुरंत कैमरा ऑन करवाया और बड़े प्यार का नाटक करते हुए उनके पास जाकर खाना और कंबल रख दिया। आर्यन ने कैमरे की तरफ देखते हुए पूछा, "बाबा, आपके घरवाले कहाँ हैं? क्या किसी ने आपकी मदद नहीं की जो आप यहाँ सड़क पर बैठे हैं?" आर्यन को लगा कि बाबा रोने लगेंगे और उसका वीडियो हिट हो जाएगा।
लेकिन उन बुजुर्ग ने मुस्कुराते हुए आर्यन की आँखों में देखा। उन्होंने कहा, "बेटा, मेरे पास सब कुछ है। मेरे बच्चे बड़े पदों पर हैं और मैं बहुत सुखी हूँ। मैं तो बस यहाँ पुरानी यादों के लिए बैठता हूँ।" फिर उन्होंने आर्यन के कैमरे की तरफ इशारा करते हुए कहा, "बेटा, असली मदद वह होती है जो चुपचाप की जाए। तुम खाना तो दे रहे हो, लेकिन साथ में मेरी गरीबी का वीडियो बनाकर मेरा सम्मान छीन रहे हो। तुम दुनिया को अपनी अच्छाई दिखा रहे हो, पर क्या तुम्हारा दिल सच में साफ़ है? किसी की लाचारी का तमाशा बनाकर तुम बड़े नहीं बन सकते।" यह सुनकर आर्यन सन्न रह गया। उसे अपनी गलती का अहसास हुआ और उसे खुद पर बहुत शर्म आई। उसने तुरंत कैमरा बंद करवाया और चुपचाप अपना सिर झुकाकर वहाँ से चला गया।
डॉ मधुछन्दा चक्रवर्ती

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